Cafè Reminiscence

Gulzar

Gulzar :Happy B’ day Gulzar Saheb.2016

तेरे उतारे हुए दिन तेरे उतारे हुए दिन टँगे हैं लॉन में अब तक ना वो पुराने हुए हैं न उनका रंग उतरा कहीं से कोई भी सीवन अभी नहीं उधड़ी इलायची के बहुत पास रखे पत्थर पर ज़रा सी…