Cafè Reminiscence

Reminiscences

कशमकश

आखिर अरूंधति ने पूछ ही लिया की क्या बात है कुछ खोयी हुई हो , हुआ यूँ की आश्विन अपने एक दोस्त और उसकी वाइफ अरूंधति जो मेरी भी अच्छी  दोस्त है के साथ हम यहाँ हिल स्टेशन पर घूमने…

254

काफी अरसे के  बाद जाना हुआ २५४ में , साफ़ सुथरा सा लगा , हरियाली हे लेकिन वो २ आम के  , अमरुद और नींबू के पेड़ अब नहीं रहे , दोपहर ,में गली के बच्चे पत्थर फेंकते होंगे ,बहुत…

शाम से आज आँखों में नमी सी है

        मुज्हे उसकी प्रोफाइल pic अचछी लगी तो मेने यूँ ही कहा की एक बस आँखों की तस्वीर भेज दो , क्योंकि उसमे मेने नमी देखी , इतनी कम उम्र में पानी , वो भी हमेशा ?…