Cafè Reminiscence

Hindi Story Poem

हरे काँच की चूड़ियाँ

उस दिन कुछ कागजात ढूंढते हुए वो पुराना लकडी का बक्सा मिला , खोला तो उसमे दो काँच की चूड़ियो के टुकड़े मिले हरे काँच की , तो सब काम छोड़ कर बस बक्सा लेकर बैठ गया , और भूल…

परिंदे

कई दिन हो गए परिंदों के feeder में दाना नहीं डाला शोर भी नहीं हो रहा नहीं तो वो सुबह से लेकर शाम तक शोर मचाते रहते थे घर पर सब कहते थे की कितना शोर मचाते हैं कई बार…

कशमकश

आखिर अरूंधति ने पूछ ही लिया की क्या बात है कुछ खोयी हुई हो , हुआ यूँ की आश्विन अपने एक दोस्त और उसकी वाइफ अरूंधति जो मेरी भी अच्छी  दोस्त है के साथ हम यहाँ हिल स्टेशन पर घूमने…

सपना : Dream

एक   सपना  जन्म् ले  रहा  हे  ,  बरसों  तक  कहीं  दबा  पड़ा  था  , बीच  बीच  में  कभी  कभार  बाहर  आता  था   लेकिन  फिर  कहीं  खो  जाता  था . सपने  में  पानी  है  हरियाली  है   बड़े बड़े…